तरक्की का सफ़र

लेखक: राज अग्रवाल


भाग-


मैं और प्रीती मेरे फ्लैट में दाखिल हुए और मैंने पूछा, प्रीती फ्लैट कैसा लगा?

छोटा है, लेकिन अपना है, यही खुशी है, मुझे उसने जवाब दिया।

ठीक है! तुम आराम करो... मैं तब तक सबज़ियाँ और सामान लेकर आता हूँ, ये कहकर मैं सामान लेने बाज़ार चला गया।

मैं वापस आया तो देखा प्रीती किचन में काम कर रही थी। ये क्या कर रही हो? मैंने पूछा।

कुछ नहीं खाने की तैयारी कर रही हूँ, क्यों खाना नहीं खाना है? उसने पूछा।

जब इतना अच्छा खाना सामने हो तो ये खाना किसको खाने का दिल करेगा, मैंने उसकी चूचियों को दबाते हुए कहा।

इसके लिये रात बाकी है, पहले ये खाना खाकर अपने में ताकत लाओ, फिर इस खाने को खाना।

ठीक है मेरी जान! जैसा तुम कहो... मैंने जवाब दिया।

वो खाना बनाने में लग गयी। अचानक मैंने पूछा, प्रीती! क्या तुम कुछ पीना पसंद करोगी, मेरा मतलब कुछ बीयर या रम?

मैं शराब नहीं पीती, और मुझे नहीं मालूम था कि ये गंदी आदत आपको भी है, उसने कहा।

जान मेरी! मुझे सब गंदी आदत है, जैसे शराब पीना, सिगरेट पीना, और तीसरी गंदी आदत का तो तुम्हें मालूम ही है, मैंने हँसते हुए कहा।

हाँ! मुझे अपनी पहली रात को ही पता चल गया था, उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

हम दोनों खाना खाकर सोने की तैयारी करने लगे। मैं बिस्तर पर लेट चुका था, प्रीती बाथरूम में थी। थोड़ी देर बाद वो बाथरूम से बाहर आयी, एक पारदर्शी नाइटी पहने हुए। उसका गोरा बदन पूरा झलक रहा था। उसके बदन को देखते ही मेरा लंड तन गया। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

नहीं मेरी जान! तुम ये कपड़े पहन कर नहीं सो सकती, चलो जल्दी से अपनी नाइटी उतारो और नंगी होकर आ जाओ, मेरी तरह... साथ ही अपने वो सैक्सी हाई हील के गोल्डन कलर के सैंडल पहन लो जो तुमने शादी के दिन पहने थे, ये कहकर मैंने चादर हटा कर उसे अपना तना लंड दिखाया। उसका चेहरा शरम के मारे खिल उठा और उसने अपनी नाइटी उतार दी और खुश्किस्मती से उसने बिना कुछ सवाल पूछे अपने सैंडल भी पहन लिये।

उसे अपने बाँहों में भरते हुए मैंने बिस्तर पर लिटा दिया और कहा, डार्लिंग! ये हमारे फ्लैट पर पहली रात है, आओ खूब चुदाई करें और मज़े लें।

मेरे हाथ उसके शरीर को सहला रहे थे। मेरे होंठ उसके होंठों पे थे और मेरी जीभ उसके मुँह में उसकी जीभ के साथ खेल रही थी। मैंने अपना मुँह उसकी छातियों के बीच छुपा दिया और उसके मम्मे चूसने लगा। एक हाथ से उसके मम्मों को जोर से भींचता तो उसके मुँह से सिस्करी निकल पड़ती, ओहहहहहह राजजजजज!!!!!!

उसके मम्मे चूसते हुए मैं नीचे की तरफ बढ़ा और अपना मुँह उसकी गोरी और बिना बालों वाली चूत पर रख दिया। अब मैं धीरे से उसकी चूत को चाट रहा था।

उसके घुटनों को मोड़ मैंने उसकी छाती पर कर दिये जिससे उसकी चूत ऊपर को उठ गयी और मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदने लगा।

ओह राज बहुत अच्छा लगा रह है, आआहहहहहह..... किये जाओ, कहकर वो अपनी गाँड ऊपर को उठा देती।

मैं और तेजी से उसकी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था। ओहहहहहहह डार्लिंग किये जाओ... औऔऔऔऔऔर जोर से, मज़ाआआआ आ रहा है, हाँआँआँ ऐसे ही किये जाओ, कहते हुए उसकी चूत ने मेरे मुँह में पानी छोड़ दिया।

उसकी चींखने की और जोरदार सिसकरियों को सुन कर मैं सकते में आ गया, पर मुझसे भी रुका नहीं जा रहा था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रख कर एक जोर का धक्का लगाया। मेरा लंड एक ही झटके में उसकी चूत में जा घुसा। आआआआआआआहहहहह मर गयी, वो चिल्लायी।

अब मैं धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। जैसे-जैसे मैं रफ़्तार बढ़ाने लगा, उसकी साँसें तेज होने लगी, उसके बदन में अकड़ाव सा आने लगा।

ये देख मैं अब जोर जोर से अपने लंड को उसकी चूत में डाल रहा था। प्रीती सिसकरियाँ भर रही थी, ओहहहहह राज औऔऔऔऔऔर जोररररर से!!!!!!!! आहहहहहह हाँआंआंआंआं ऐसे ही कियो जाओ!!!! हाँ राजाआआआआआआ आज फाड़ दो मेरी चूत को।

मेरे लंड के पानी में भी उबाल आ रहा था और वो छूटने को तैयार था। मैंने उसे चोदने की रफ़्तार और बढ़ा दी। वो भी अपनी जाँघें उठा मेरे थाप से थाप मिला रही थी, ओओओओओहहहहह..... येसससससस... ऊऊऊऊऊहहह राज और जोर से..., मेरा छूटने वाला है हाआआआआआ, मैं...ऐंऐंऐं तो गयी।

जैसे ही उसकी चूत ने पानी छोड़ा, मैंने भी दो चार करारे धक्के लगा कर अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया। दोनों का शरीर पसीने में चूर था, फिर भी हम एक दूसरे को उन्माद के मारे चूम रहे थे और सहला रहे थे। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

उसकी पीठ को सहलाते हुए मैंने कहा, प्रीती तुम तो कमाल की हो।

क्यों क्या हुआ, मैंने ऐसा क्या किया? उसने जवाब दिया।

तुमने किया कुछ नहीं, पर मैंने आज से पहले तुम्हें इस तरह चिल्लाते, सिसकरियाँ भरते नहीं सुना, मुझे लगा कि तुम्हें चुदाई में मज़ा नहीं आता है, मैंने कहा।

राज मुझे तो इतना मज़ा आता है कि मैं उस वक्त भी जोर-जोर से चिल्लाना चाहती थी जब तुमने मेरी चूत का उदघाटन किया था, पर मैंने अपने आप को रोक लिया।

ऐसा क्यों किया तुमने? मैंने पूछा।

ये सोच कर कि घर में सबको पता लग जायेगा कि उनका लड़का अपनी नयी बहू को जोरों से चोद रहा है, उसने जवाब दिया।

हाँ ये तुमने ठीक किया... मैंने तो ऐसा सोचा ही नहीं था, उसकी गाँड को सहलाते हुए मैंने कहा, प्रीती चलो अब तुम्हारे दूसरे छेद का उदघाटन करना है।

दूसरे छेद का...? मैं समझी नहीं? वो चौंकी, पर जब उसने मेरी अंगुलियों को अपनी गाँड में घुसते महसूस किया तो वो बोली, कहीं तुम मेरी गाँड तो नहीं मारना चाहते?

तुम सही कह रही हो मेरी जान! यही तो वो दूसरा छेद है जिसे मैं चोदना चाहता हूँ, मैंने और जोरों से अपनी अँगुली उसकी गाँड में घुसाते हुए कहा।

नहीं राज! गाँड में नहीं, बहुत दर्द होगा, उसने रिक्वेस्ट करते हुए कहा। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

अब चुपचाप घुटनों के बल हो जाओ, मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए कहा, आज तुम्हारी गाँड को चुदवाने से कोई नहीं रोक सकता।

मेरी बात मानते हुए वो घुटनों के बल हो गयी। मैंने उसके सिर और कंधों को तकिये पर दबाते हुए उसे अपनी गाँड को चौड़ा करने को कहा। उसने अपने दोनों हाथों से अपनी गाँड को चौड़ा कर दिया। अब मुझे उसकी गुलाबी गाँड का नज़ारा साफ दिखायी दे रहा था, साथ ही उसकी चूत भी ऊपर को उठी हुई थी। मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी।

अपनी एक अँगुली पर वेसलीन लगा कर मैं उसकी गाँड के छेद को अच्छी तरह चिकना करने लगा। जैसे ही उसकी चूत चाटते हुए मैंने अपनी अँगुली उसकी गाँड के अंदर डाली तो उसके मुँह से मीठी सी सिसकरी निकल पड़ी। लगता है तुम्हें अब मज़ा आ रहा है, मैंने हँसते हुए कहा।

हाँ! अच्छा लग रहा है, उसने कहा।

एक, दो, फिर तीन, इस तरह मैंने अपनी चारों अँगुलियाँ उसकी गाँड में डाल दी। ओह राज निकाल लो... दर्द हो रहा है, वो दर्द के मारे छटपटायी। मगर उसकी बात ना सुनते हुए मैंने अपनी अँगुलियाँ अंदर बाहर करनी शुरू कर दी। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

अब उसे भी मज़ा आने लगा था, हाँ राज! किये जाओ अब अच्छा लग रहा है, वो सिसकरी भरते हुए बोली।

जैसे ही मैंने अपनी अँगुली उसकी गाँड के फ़ैले हुए छेद से बाहर निकाली तो वो तड़प के बोली, तुम रुक क्यों गये, किये जाओ ना..... बहुत मज़ा आ रहा था।

थोड़ा सब्र से काम लो प्रीती डार्लिंग! अब मैं अँगुली से भी ज्यादा अच्छी चीज़ तुम्हारी गाँड में डालुँगा, ये कहकर मैं अपने लौड़े पर भी अच्छी तरह वेसलीन लगाने लगा।

जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गाँड के छेद पर रखा, वो बोली, राज! क्या तुम्हारा इतना मोटा लंड मेरी गाँड में डालना जरूरी है, मुझे डर लग रहा है कि कहीं ये मेरी गाँड ही ना फाड़ दे और मैं दर्द के मारे मर जाऊँ।

डार्लिंग! किसी ना किसी दिन तो डालना ही है तो... आज ही क्यों नहीं? हाँ शुरू में थोड़ा दर्द होगा पर बाद में मज़ा ही मज़ा आयेगा, ये कहकर मैंने अपने लंड का दबाव धीरे से बढ़ाया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गाँड में घुसा वो दर्द के मरे चिल्ला पड़ी, राज निकाल लो, बहुत दर्द हो रहा है।

उसकी चिल्लाहट पर ध्यान ना देते हुए मैं अपने लंड को उसकी गाँड में घुसाने लगा। जैसे-जैसे मेरा लंड उसकी गाँड में घुसता, मुझे अपने लंड में एक अजीब सा तनाव महसूस होता।

राज!!! प्लीज़ निकाल लो!!! प्लीईईईज़ निकाल लो!!! बहुत दर्द हो रहा है, वो छटपता रही थी।

मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल कर एक जोर का धक्का दिया और मेरा लंड उसकी गाँड की दीवारों को चीरता हुआ जड़ तक समा गया।

आआआआआआआआआ गयीईईईईईईईई मर गयी!!!!! वो जोर से चिल्लायी और रोने लगी। उसकी आँखों में आँसू आ गये।

शशशशश डार्लिंग, रोते नहीं, जो दर्द होना था, हो गया, अब मज़ा ही आयेगा, कहकर मैं अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा।

उसकी गाँड बहुत ही टाइट थी जिससे मुझे धक्के लगाने में तकलीफ हो रही थी। मैं उसकी गाँड में धक्के लगा रहा था और साथ ही साथ उसकी चूत को अँगुली से चोद रहा था।

ओह प्रीती! तुम्हारी गाँड कितनी टाइट है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, कहकर मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी। कुछ जवाब दिये बिना वो दर्द में छटपता रही थी। करीब दस मिनट की चुदाई के बाद उसे भी मज़ा आने लगा ओहहह राज!!! अब अच्छा लग रहा है।

मैं जोर-जोर से उसकी गाँड मार रहा था और अपनी अँगुली से उसकी चूत को चोद रहा था। मेरा पानी छूटने वाला था और उसके बदन की कंपन देख कर मुझे लगा कि वो भी अब छूटने वाली है। अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ाते हुए मैंने अपना पानी उसकी गाँड में छोड़ दिया। उसका भी शरीर कंपकंपाया और उसकी चूत ने मेरे हाथों पर पानी छोड़ दिया।

मैंने अपना लंड उसकी गाँड में से निकाले बगैर पूछा, क्यों प्रीती डार्लिंग! अपनी गाँड की पहली चुदाई कैसी लगी?

कुछ अच्छी नहीं, बहुत दर्द हो रहा है! अच्छा अब अपना लौड़ा मेरी गाँड से बाहर निकालो, उसने अपनी आँखों से आँसू पौंछते हुए कहा।

अभी नहीं मेरी जान! मैं एक बार और तुम्हारी गाँड मारना चाहता हूँ, मैंने अपने लंड को फिर उसकी गाँड में अंदर तक घुसा दिया।

क्या राज!!!! ये करना जरूरी है क्या? मुझे तुम्हारा लंड मेरी गाँड में घुसते ही कुछ ज्यादा मोटा और लंबा होता लग रहा है, वो छटपटायी। मैं अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। उसकी गाँड में मेरा पानी होने से इस बार इतनी तकलीफ नहीं हो रही थी और मेरा लंड आराम से उसकी गाँड की जड़ तक समा जाता।

मैं जोर-जोर से उसकी गाँड मारने लगा और अपनी अंगुलियों से फिर उसकी चूत को चोद रहा था। उसे भी मज़ा आने लगा और वो बोल पड़ी, हाँ राज!!! जोर-जोर से..., मज़ा आ रहा है।

जब हम दोनों का पानी छूट गया तो मैंने उसे बाँहों में भरते हुए पूछा, क्यों अबकी बार कैसा लगा?

पहली बार से अच्छा था, उसने जवाब दिया। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

जैसे-जैसे चुदवाओगी... तुम्हें और मज़ा आने लगेगा। याद है तुम मेरा वीर्य पीना नहीं चाहती थी और अब तुम एक बूँद छोड़ती नहीं हो, ये कहकर मैं उसे बाँहों में भर कर सो गया।

दूसरे दिन अपनी मोटर-साइकल पर ऑफिस जाते हुए मैं सोच रहा था कि ऑफिस में मेरी तीनों असिसटेंट और रजनी मेरी शादी की बात सुनकर क्या कहेंगी... क्या सोचेंगी।

मेरे केबिन में पहुँचते ही तीनों ने मुझे घेर लिया, थैंक गॉड! राज तुम आ गये, शबनम ने मुझे गले लगाते हुए कहा।

समीना मुझे स्टोर रूम की चाबी दो, मैं तो एक सैकेंड भी अब इंतज़ार नहीं कर सकती, नीता ने कहा।

नहीं!! राज से पहले मैं चुदवाऊँगी, मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है, समीना ने अपनी चूत को सहलाते हुए कहा।

रुको! तुम तीनों रुको! पहले मेरी बात सुनो, मेरे पास तुम लोगों के लिये एक खबर है, उनका रियेक्शन देखने के लिये मैं थोड़ी देर रुका फिर बोला, मैंने शादी कर ली है।

ओह नहीं!!!!! तीनों एक साथ बोली।

उनके चेहरे पर दुख देख कर मैं बोला, सुनो हम लोगों के रिश्ते में कोई फ़र्क नहीं आने वाला। मैं तुम तीनों का यहाँ ऑफिस में ख्याल रखुँगा और अपनी बीवी का घर पर... समझी! चलो सब अपने काम पर जाओ और मुझे भी सब समझने दो, शाम को स्टोर रूम में मिलेंगे।

वो तीनों खुश होकर चली गयी पर असली शामत तो रजनी से आने वाली थी। पता नहीं मेरी शादी की बात सुनकर वो क्या कहेगी, क्या करेगी। जो होगा देखा जायेगा।

समय गुजर रहा था। मैं अपने लंड से तीनों एसिस्टेंट्स को ऑफिस में और प्रीती को घर पर मज़े देता था।

हमारी कंपनी हर साल एक बहुत बड़ी पार्टी रखती थी जिसमें हर स्टाफ को उसके परिवार के साथ बुलाया जाता था।

इस बार की पार्टी शहर के सबसे बड़े क्लब, नेशनल क्लब में रखी गयी थी। मैं और प्रीती तैयार होकर क्लब पहुँचे। क्लब में घुसते हुए मैंने प्रीती से कहा, प्रीती! ये इस शहर का सबसे बड़ा क्लब है और मैं एक दिन इसका मेंबर बनना चाहता हूँ, क्यों सुंदर है ना?

हाँ! काफी सुंदर है, उसने जवाब दिया।

हम लोग लॉन में पहुँचे तो मैंने देखा कि काफी लोग आ चुके थे। आओ प्रीती! मैं तुम्हें अपने साथियों और दोस्तों से मिलाता हूँ, मैंने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा।

जब हम मेरे दोस्तों के बीच पहुँचे तो एक ने कहा, आओ राज! अरे ये क्या, तुम्हारे हाथ में ड्रिंक नहीं है?

मैं अभी तो आया हूँ, जल्दी क्या है आ जायेगी, मैंने जवाब दिया। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

अरे ये वेटर सब आलसी हैं, जाओ... तुम खुद बार पर से ड्रिंक क्यों नहीं ले आते, उसने जवाब दिया।

मैं प्रीती को वहीं छोड़ कर बार की तरफ ड्रिंक लेने के लिये बढ़ा तो देखा कि रजनी सेल्स मैनेजर से बात कर रही थी। उससे नज़रें बचाते हुए मैं अपनी ड्रिंक ले कर एक भीड़ में जा कर खड़ा हो गया जिससे वो कोई तमाशा ना खड़ा कर सके।

अचानक मैंने अपने कंधों पर किसी का हाथ महसूस किया। पलट कर देखा तो रजनी खड़ी थी। हाय राज! कैसे हो? उसकी आवज़ में दर्द था।

हाय रजनी! मैं ठीक हूँ, तुम कैसी हो? मैंने जवाब दिया।

मुबारक हो, शबनम कह रही थी कि, तुमने शादी कर ली, उसने अपने हाथों से अपने आँसू पौंछते हुए कहा।

ऑय एम सॉरी रजनी! प्लीज़ शाँत हो जाओ, अपने आप को संभालो, मैंने थोड़ा हिचकिचाते हुए कहा।

डरो मत! मैं कोई तमाशा नहीं खड़ा करूँगी। क्या तुम अपनी पत्नी से नहीं मिलवाओगे? उसने हँसते हुए अपने रूमाल से अपने आँसू पौंछे।

मेरा विश्वास करो रजनी! मैं लाचार था, पिताजी ने शादी पक्की कर दी और मैं उन्हें ना नहीं कर सका, मैंने कहा।

मैं समझती हूँ! शायद यही तकदीर को मंजूर था, उसने जवाब दिया।

मैं रजनी को लेकर प्रीती के पास आ गया।

प्रीती इनसे मिलो! ये रजनी है, अपने एम-डी की भतीजी!!

और रजनी ये प्रीती है, मेरी पत्नी। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

मममम तुम्हारी बीवी काफी सुंदर है, इसलिये तुमने फटाफट शादी कर ली, उसने हँसते हुए कहा। हम तीनों बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद मैं बोला, तुम लोग बातें करो, मैं एम-डी से मिलकर आता हूँ।

मैं अपने एम-डी और मिस्टर महेश के पास पहुँचा तो देखा कि वो लोग कुछ डिसकशन कर रहे थे। इतने में एम-डी मुझसे बोले, हे राज! वहाँ खड़े मत रहो, एक कुर्सी खींचो और यहाँ बैठ जाओ।

मैं कुर्सी खींच कर बैठ गया।

सर!! आपने उस औरत को देखा? महेश ने एम-डी से पूछा।

किसे?? एम-डी ने नज़रें घुमाते हुए कहा।

वो जो सफ़ेद साड़ी और सफ़ेद सैंडल पहने खड़ी है, वो जिसका अंग-अंग मचल रहा है, महेश ने अपने होंठों पर जीभ घोमाते हुए कहा।

हाँ देखा! काफी सुंदर है! एम-डी ने जवाब दिया।

सर!! आपने उसके मम्मे देखे, उसके लो कट ब्लाऊज़ से ऐसा लगता है कि अभी बाहर उछाल कर गिर पड़ेंगे.... महेश ने ललचायी नज़रों से देखते हुए कहा।

हाँ महेश!!!! देख कर ही मेरे लंड से तो पानी छूट रहा है.... एम-डी ने कहा।

सर! मेरा तो छूट चुका है और अंडरवीयर भी गीली हो चुकी है.... महेश ने कहा।

महेश! क्या तुम जानते हो वो कौन है? एम-डी ने पूछा। इस कहानी के लेखक राज अग्रवाल है!

नहीं सर! मैं उसे आज पहली बार देख रहा हूँ, महेश ने जवाब दिया।

हमें पता लगाना होगा कि वो कौन है...., राज! जरा पता तो लगाओ कि ये महिला कौन है और किसके साथ आयी है? एम-डी ने कहा।

किसका सर? मैंने घूमते हुए पूछा।

वो जो सफ़ेद साड़ी और सफ़ेद हाई-हील के सैंडल पहने खड़ी है...., और मेरी भतीजी रजनी से बातें कर रही है। एम-डी ने कहा।

वो??? सर! वो मेरी वाइफ प्रीती है, मैंने हँसते हुए जवाब दिया।

तुमने हमें बताया नहीं कि तुम्हारी शादी हो चुकी है, एम-डी ने शिकायत की।

सर बस.... मौका नहीं मिला, मैंने जवाब दिया।

क्या तुम हमारा उससे परिचय नहीं कराओगे? एम-डी ने कहा।

जरूर सर! इतना कह मैं प्रीती को ले आया।

प्रीती इनसे मिलो! ये हमारी कंपनी के एम-डी, मिस्टर रजनीश हैं और ये मिस्टर महेश हैं।

सर! ये मेरी वाइफ प्रीती है, मैंने उनका परिचय कराया।

नमस्ते!!! प्रीती ने कहा।

तुम बहुत सुंदर हो प्रीती! आओ यहाँ बैठो, हमारे पास... एम-डी ने प्रीती को कहा।

नहीं सर! मैं यहीं ठीक हूँ, कहकर वो सामने की कुर्सी पर बैठ गयी।

थोड़ी देर में रजनी आ गयी, चलो राज और प्रीती! खाना लग गया है।

एक्सक्यूज़ मी सर!! ये कहते हुए मैं और प्रीती, रजनी के साथ चले गये।

रात को हम घर पहुँचे तो प्रीती ने कहा, राज! तुम्हारे बॉस अच्छे लोग नहीं हैं, कैसे मुझे घूर रहे थे, लग रहा था कि मुझे नज़रों से ही चोद देंगे।

ऐसा कुछ नहीं है जान! तुम हो ही इतनी सुंदर कि जो भी तुम्हें देखे उसकी नियत डोल जायेगी, मैंने उसे बाँहों में भरते हुए कहा।

अगले दिन जब मैं ऑफिस पहुँचा तो मुझे महेश ने कहा कि एम-डी ने मुझे रात आठ बजे होटल शेराटन में उनके सूईट में बुलाया है, कोई मीटिंग है।

!!! क्रमशः !!!


भाग-१ भाग-२ भाग-४ भाग-५ भाग-६ भाग-७ भाग-८ भाग-९ भाग-१० भाग-११ भाग-१२ भाग-१३ भाग-१४ भाग-१५ भाग-१६ भाग-१७

मुख्य पृष्ठ (हिंदी की कामुक कहानियों का संग्रह)

Keyword: Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान
Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान

Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान

Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान


Online porn video at mobile phone


Kleine fötzchen extrem erziehung geschichten hartमम्मी ने लंड हिलाना सिखायाcache:y3zhC7HimlYJ:awe-kyle.ru/~Hephaestus/power.html चुत बजा मुसलcache:RAVd8YIpR5UJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/nudonyme8006.html Kleine tittchen enge fötzchen geschichten pervers torturxxx woman gurzi woman sexMädchen pervers geschichten jung fötzchenasstr histoires tabouesich nahm den kleinen nich unbehaarten schwanz des jungen in den mundKleine Ärschchen dünne Fötzchen geschichten perversdick to vigana tg tf porncalofthwlf sex stories"her arm stumps"cache:XypYOJqvnYAJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/baracuda1967.html Daddy obsessed with sexy daughter asstr storiesगरम किस्सेxxxhindikhanibhabhiwatching them fuck enormous cock the watcher .txtawe-kyle.ru/-/baracuda 1967 htmlहोटल में चोदाई की पार्टीमम्मी को बाँध कर उसकी बुर चोदा बुर फाड़ दियाcache:t1ifK4hbNHkJ:awe-kyle.ru/~Knight_of_Passion/BreakingCatherine.html fiction porn stories by dale 10.porn.comPOPPING ASHLEY'LITTLE CHERRY CHAPTER 6हिंदी में बुर में मौसी क मूतते देख छोड़ डालाASSTR.ORG/FILES/AUTHORS/DAVE SEXMAD[email protected]ferkelchen lina und muttersau sex story asstrmujhe bail ne choda hindi sex storydaughter "daddy's pleasure" pornfemale tits punchuringcache:78bbSGTKNrEJ:awe-kyle.ru/files/Authors/SirFox/Story%20german/Nori_Die_Austauschschulerin_Ch01.html awe.kyle.ru german porn storiesbaby oil pza storyferkelchen lina und muttersau sex story asstrcache:Zl_PUVv9sZgJ:awe-kyle.ru/files/Authors/sevispac/www/misc/girlsguide/index.html leslita gartersalt.sex.stories.gay moderated"internal lock"cuffs slaveSabrina ka chudai safarKleine Fötzchen perverse geschichten extremPed cum story forceassm stories jr high rapeसफेद कुते से चुदाई कहानीshe slid back my foreskin and my mushroom cock head popped out and she started riding on it true story.big cock dad nifty incestkis ki biwi do lodo se chudna chahti hai bataocuddling in bed with mother incest storycache:0T6FcwfqK38J:http://awe-kyle.ru/~Pookie/stories.html+https://www.asstr.org/~Pookie/stories.htmlछोटे लंड से चोदा हक उस वाईफ कोक्सक्सक्स वेदिओ बूत में बोतल घुसेड़ते हीबहन की चुदाई देखी हिंदी सेक्स स्टोरीI pulled out and slammed my cock back into her tight wet twat to make her orgasm last even longer. I slowed to let her catch her breath.muha ke upar chut ragdiferkelchen lina und muttersau sex story asstrnobody said anything about being tickled in bondagehund leckt dicke frau muschiLittle sister nasty babysitter cumdump storiescache:JXuDK0Yhv9cJ:awe-kyle.ru/files/Authors/Lance_Vargas/www/restarea.html nifty archive nrw man of the housemuslim nasreen ki cudaiferkelchen lina und muttersau sex story asstrप्यारी प्यारी चूचीयो का जादू मै हुआ बेकाबू कहानी ओनलाईनमुस्लिम चुदाई अम्मी और अजनबी गैर मुस्लिमteacher mfbg sex storiesचूदाई की लहरPed cum story forcehis viaeo was heloadedto www.xvlDEos.comMädchen pervers geschichten jung fötzchenचुदाई फैमिली में आसाड़ी के अंदर घुसकर देखा मां का चूतgirl ped rape geschichtefull body whipping punishment of submissive wife or sex slave video extra swat if she protest