तीन बहनों की एक साथ चुदाई

लेखक:- अन्जान


ठाकुर जस्पाल सिंघ की शानदार हवेली लखनऊ के सबसे आधुनिक इलाके में बनी हुई थी। जस्पाल सिंघ एक ५० वर्ष के बहुत ही रोबिले और रुतबेदार ठाकुर थे। गरम राजपूती खून उनकी रगों में था और इस ५० वर्ष की अधेड़ उम्र में भी उनका बदन जवानों को मात देता था। लंबा कसरती कद, सिर पर स्याह काले बाल और घनी मूँछें देखकर कोई भी उनसे आँखें नहीं मिला पाता। जब ठाकुर जी २८ वर्ष की उम्र के थे तब उनका विवाह हुआ। पर ठकुराईन उनकी तरह तन्दुरूस्त नहीं निकली। वह जब से हवेली में आईं अक्सर बिमार ही रहती। विवाह के १५ साल बाद यानि कि जब जस्पाल सिंघ ४३ वर्श के थे तभी ठकुराईन उन्हें औलाद का मुँह दिखाये बिना रन्डुआ बना कर ऊपर चली गयी। फिर जस्पाल सिंघ ने दूसरा विवाह नहीं किया।

विधुर जस्पाल सिंघ की हवेली फिर भी चहचहाटों से भरी हुई थी। हवेली में हर समय तीन खुबसूरत हसीन बहनों की हँसी मज़ाक कि आवाज़ ही सुनाई पड़ती थी। ये तीन हसीन बहनें ठाकुर जस्पाल सिंघ के स्वर्गीय बड़े भाई की निशनी थीं। लेकिन इन तीन लड़कियों के बाप ठाकुर जस्पाल सिंघ ही थे। आज से ३० साल पहले जस्पाल सिंघ की भाभी इस हवेली में आई थीं। हवेली खुशियों से भर उठी थी। फिर ५ साल बाद ही भाभी उदास रहने लगीं। जस्पाल सिंघ भाभी का बहुत आदर करते थे, पर देवर होने के नाते देवर भाभी के मजाकों से भी नहीं चूकते थे। जबसे भाभी खोई-खोई रहने लगी तो जस्पाल सिंघ भाभी के और निकट आ गये।

तभी उन्हें पता चला कि उनके बड़े भाई में भाभी की गोद भरने की हिम्मत नहीं है। उस समय जस्पाल २५ साल के बहुत ही तन्दुरुस्त आकर्षक नवयुवक थे। बड़े भाई साहब ज्यादातर राजनिती में रहते थे। देवर भाभी एक दूसरे से खुल के दिल का हाल कहने लग गये थ। और एक बार बडे भैया जब एक सप्ताह के लिये दिल्ली गये तो देवर भाभी के सारे सब्र के बान्ध टूट गये। और यह रिश्ता आज से पन्द्रह साल पहले तक चला जब बडे भैया और भाभी दोनों एक साथ ट्रेन दुर्घटना में मारे गये। तो जस्पाल सिंघ के अपनी भाभी से नाजायज़ सम्बन्ध १० साल तक कायम रहे। यानी कि जस्पाल की २५ वर्ष से लेकर ३५ वर्ष की उम्र तक।

देवर भाभी के इस मधुर सम्बन्ध ने भाभी की गोद में एक एक करके तीन हसीन लड़कियाँ डाली । सबसे बड़ी नीता है जो आज २७ साल की एक बहुत ही खूबसूरत नवयुवती बन चुकी है। अभी वह लखनऊ की मशहूर गर्ल्स कॉलेज में हिन्दी की प्रोफेसर है और साथ-साथ पी.एच.डी भी कर रही है। दूसरी निशा है, उम्र २५ साल और चेहरे और उसकी अदाओं में हमेशा हरियाली छाई रहती है। जब देखो तब खिले हुये गुलाब सा मुस्कराता चेहरा। वह भी गर्ल्स कॉलेज में एम. ए. कर रही है। तीसरी का नाम नन्दिनी है; उम्र २२ साल और गर्ल्स कॉलेज में इसी बी.ए. फाईनल इयर में आई है। सबसे छोटी नन्दिनी टमाटर सी लाल और बहुत ही गदराये बदन की है। सबसे छोटी होने के नाते उसे हवेली में सबसे ज्यादा दुलार मिला। कहानी का लेखक अंजान है!

जस्पाल सिंघ इस हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ़ थे कि ये तीनों लड़कियाँ उन्हीं का खून हैं और जब वे विधुर हो गये तो उन्होंने दूसरी शादी नहीं की और अपनी तीनों बेटियों की हर खुशी को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बे-औलाद जस्पाल सिंघ ने अपने ही खून इन तीनों बेटियों को बाप से भी ज्यादा प्यार दिया है। नतीजा यह हुआ कि तीनों के पंख लग गये। तीनों बहनों का बदन बहुत ही सेक्सी था। उनकी चूचियाँ और चुत्तड़ बहुत फुले -फुले थे और कोई भी मर्द उनको देख कर विचलित हुये बिना नहीं रहता। इनके चाचा का लखनऊ में बहुत दबदबा था और इसलिये कोई लड़का इनकी तरफ अपनी आँख भी उठा कर दखने की जुर्रत नहीं करता।

तीनों बहनों के पास सारी सुख सुविधायें मौजूद थी। जस्पाल ने इन्हें आलिशान इम्पोर्टेड कार दे रखी थी। तीनों लड़कियाँ एक रविवार को शाम ४ बजे के करीब कार में सवार होकर शहर में मस्ती करने निकली हुई थीं। कार की ड्राइविंग नीता कर रही थी। कार अचानक एक जोरदार झटके के साथ रुक गयी। साथ बैठी निशा ने नीता से पूछा, नीता क्या बात है, तुमने अचानक कार क्यों रोक दी। नीता बोली, ज़रा कार के सामने का नज़ारा तो देखो। कितना नशीला नज़ारा है। तब निशा और नन्दिनी ने सामने देखा कि कार के सामने बीच सड़क पर एक कुत्ता एक कुत्तिया पर चढ़ने की कोशीश कर रहा है। कुत्ते का लगभग चार इन्च लंबा नोकिला लंड बाहर निकला हुआ था। कुछ देर की कोशीश के बाद कुत्ते ने अपना लंड कुतिया की चूत में डाल दिया। अब कुत्ता कुत्तिया पर पीछे से चढ़ा हुआ उसे मस्ती से चोद रहा था। तब निशा ने कहा यार नीता! तुम ऐसा कोई भी मौका नहीं छोड़ती! नीता बोली, हमसे तो किस्मत वाले यह कुत्ते कुत्तिया ही है। ना जगह देखते ना मौका। जहाँ मन किया शुरू हो गये। देखो! कुत्तिया क्या मस्ती से अपनी चूत चुदवा रही है। तब नन्दिनी बोली, हाँ हमारे चाचा जस्पाल सिंघ के डर के मारे कोई लड़का हमारी और आँख भी उठा कर नहीं देखता। लगता है कि अपने नसीब में कुंवारी ही रहना है और अपनी चूत की आग अपनी अंगुलिओं से ही बुझनी है।

यह सुनकर निता ने कार स्टार्ट कर दी। वोह किन्ही ख्यालों में खो गई। तीनों बहनें आपस में काफी खुली हुई थीं और एक दूसरे को दोस्त की तरह ट्रीट करती थीं। निता तो हमेशा सैक्सी मूड में रहने वाली लड़की थी ही और उसकी बातों का टॉपिक हमेशा सैक्स ही रहता था। तीनों बहनें खास सहेलियों की तरह खुल के सैक्स पर बात करतीं। तीनों बहनों का हवेली में एक आलीशान कमरा मिला हुआ था जिस पर तीनों बहनें एक साथ सोती थीं और एक बड़ा बाथरूम अटैचड् था। तीनों बहनें रात को मिल कर इन्टरनेट पर ब्लू फिल्म और दूसरी सैक्सी साइट्स डाउनलोड करतीं और आपस में एक दूसरे की चूँचियाँ मसलती, चूत चाटतीं और अपनी या एक दूसरे की चूतों को बैंगन/मोमबत्ती इत्यादि से चोदतीं। तीनों बहनें अक्सर अपने कमरे की प्राइवेसी में शराब-सिगरेट का शौक भी पूरा करती थीं।

निता कुत्ते कुत्तिया की चुदाई देख कर पूरी गरम हो गई थी। उसे तालाश थी तो एक लंड की; वोह चाहे जिस किसी का भी हो। उसके दिमाग में तब एक आईडीया आया और निता ने कार प्रोफ़ेसर अमित के घर के तरह मोड़ दी। प्रोफ़ेसर अमित की उम्र उस समय लगभग पैंतीस साल की थी और उसकी शादी अभी नहीं हुई थी। वो बहुत ही रंगीन मिज़ाज़ का था मतलब वो एक बहुत चोदू आदमी था । उनके लंड की लंबाई सात इंच और मोटाई चार इंच की थी और यह बात कॉलेज की लगभग सभी लड़कियों और मैडमों को मालूम थी। उसे अपने लंड और अपनी चुदाई की कला पर बहुत गर्व था और कॉलेज की कई लड़कियां और मैडम उससे अपनी चूत चुदवा चुकी थीं। अमित इन सब लड़कियों और मैडमों को बातों में फंसा कर अपने घर ले जाया करता था और फिर उनको नंगी करके उनकी चूत चोदा करता था और यह बात इन तीन बहनों को मालूम थी।

इन तीन बहनों ने अपनी कार प्रोफ़ेसर अमित के घर के सामने जा कर रोकी। प्रोफ़ेसर अमित उस समय अपने घर पर ही था और एक लुंगी पहन कर शराब की चुस्कियाँ लेते हुए और अपना लंड सहलाते हुए एक ब्लू फ़िल्म देख रहा था। कॉल बैल बजी तो प्रोफ़ेसर अमित ने टीवी की आवाज़ म्यूट करके दरवाज़ा खोला क्योंकि टीःवी उनके बेडरूम में था। सामने तीनों बहनों को देख कर बोला, अहा आज तो हमारे भाग ही खुल गये! अमित ने तीनों को बाहर के कमरे में बैठाया। टी.वी. उनके बेडरूम में था जिसका दरवाज़ा सामने था पर जहाँ तीनों बहनें बैठी थीं वहाँ से टी.वी. दिखायी नहीं पड़ रहा था। तभी नीता ने कहा, मैं पिछली बार जब आपसे अपनी थीसिस में गाइडैंस के लिए आयी थी तो आपने काफी मदद की थी और बहुत अच्छे टिप्स दिये थे। आज भी मैं इसी सिलसिले में आयी हूँ। अगर आप हिन्दी साहित्य के रीति-काल से सम्बन्धित कुछ रैफ्रैन्सिस चाहिए। पिछली बार जब निता यहाँ एक और मैडम के साथ आयी थी तो बेडरूम में बैठ कर थीसिस डिस्कस की थी। तभी निता वहाँ से उठी और सीधे प्रोफ़ेसर अमित के कमरे की और मुड़ गयी। उसके साथ-साथ निशा और नन्दिनी भी हो ली। तभी अमित को कुछ याद आया और हड़बड़ा के बोला, अरे रुको तो, वहाँ कहाँ जा रही हो तुम लोग। पर तब तक देर हो चुकी थी। कहानी का शीर्षक तीन बहनों की एक साथ चुदाई है!

कमरे में टी.वी. पर उस समय एक गरमागर्म चुदाई का सीन चल रहा था जिस में एक आदमी दो लड़कियों को अपने लंड और अपनी जीभ से चोद रहा था। लड़कियां अपनी चूत चुदते समय अपनी अपनी कमर उछाल कर लंड और जीभ अपनी चूत में ले रही थीं। कहानी का लेखक अंजान है!

प्रोफ़ेसर अमित इन तीन बहनों के सामने घबड़ाहट दिखाते हुए बोला अरे! अचानक तुम लोग यहाँ क्यों पहूँच गयीं? निता जो पहले से ही पूरी गरम थी, टी.वी पर यह दृश्य देख कर और गरम हो गयी। उसने निशा की आँखों में देखा और आँखों ही आँखों में कह दिया कि कुछ करो। तब निता बोली, आप तो टी.वी पर रीति-काल से सम्बन्धित ही फ़िल्म देख रहे हैं। यहाँ तो नायक नायिकाओं की रास-रीति साक्षात चल रही है। प्रोफ़ेसर अमित ने उन तीनों बहनों के चेहरे देख कर उनकी मन की बात पहचान ली और उनसे पूछा, मैं जो कुछ टी.वी. पर देख रहा था, क्या तुम लोग भी शूरू से देखना चहोगी? तीनों बहनों ने एक साथ अपना-अपना सर हिला कर हामी भर दी। प्रोफ़ेसर अमित ने फिर टी.वी. ऑन कर दिया और सब लोग पलंग और सोफे पर बैठ कर ब्लू फ़िल्म देखने लगे। अमित ने उन्हें शराब ऑफर की और तीनों बहनों ने सहर्ष स्वीकार कर ली। अमित एक सोफे पर बैठा था और उसकी बगल वाले सोफे पर निशा और नन्दिनी बैठी थी और पलंग पर नीता बैठी थी। उधर प्रोफ़ेसर अमित ने देखा कि ब्लू फ़िल्म की चुदाई का सीन देख कर तीनों बहनों का चेहरा लाल हो गया और उनकी साँस भी जोर-जोर से चल रही थी। उनकी साँसों के साथ-साथ उनकी चूचियाँ भी उनके कपड़ों के अन्दर उठ-बैठ रही थी। एक साथ तीन जोड़ी चूचियाँ एक साथ उठ-बैठ रही थीं और साँसें गर्म हो रही थीं। क्या हसीन नज़ारा था। तीनों बहनों पर शराब का भी सुरूर छा रहा था। कुछ देर के बाद नीता, जो कि इन बहनों में सबसे बड़ी थी, अपना हाथ अपने बदन पर और चूची पर फेरने लगी। प्रोफ़ेसर अमित उठ कर नीता के पास पलंग पर बैठ गया। उसने पहले नीता के सर पर हाथ रखा और एक हाथ से उसके कन्धों को पकड़ लिया। इससे नीता का चेहरा प्रोफ़ेसर अमित के सामने हो गया। अमित ने धीरे से नीता के कानों के पास अपना मुँह रख के पूछा, क्या बहुत गर्मी लग रही है, पंखा चला दूँ? नीता बोली, नहीं ठीक है, और फिर अमित सर के चेहरे को आँखें गड़ा कर देखने लगी। अमित ने पलंग से उठ कर पंखा फ़ुल स्पीड में चला दिया। पंखा चलते ही नीता की साड़ी का आंचल उड़ने लगा और उसकी दोनों चूचियाँ साफ़- साफ़ दिखने लगी।

अमित फिर पलंग पर नीता के बगल में अपनी जगह बैठ गया। उसने नीता का एक हाथ अपने हाथ में ले लिया और धीरे से पूछा, क्या मैं तुम्हारे हाथ को चूम सकता हूँ? नीता यह सुनते ही पहले अपनी बहनों के तरह देखी और फिर अपना हाथ अमित के हाथों में ढीला छोड़ दिया। अमित ने भी फ़ुर्ती से नीता का हाथ खींच कर उसकी हथेली पर एक चुम्मा दे दिया। चुम्मा दे कर वो बोला, बहुत मीठा है तुम्हारा हाथ और हमें मालूम है कि तुम्हारे होंठों का चुम्मा इससे भी मीठा होगा। यह कह कर अमित नीता की आँखों में देखने लगा । नीता तो पहले कुछ नहीं बोली, फिर अपना हाथ अमित के हाथों से खींचते हुए अपना मुँह उसके पास कर दिया और बोली, जब आपको मालूम है कि मेरे होंठों का चुम्मा और भी मीठा होगा और आपको शुगर की बिमारी नहीं है, तो देर किस बात की और मीठा खा लीजिये। नीता की बात सुन कर अमित ने अपने होंठ नीता के होंठ पर रख दिये । फिर अमित अपने होंठों से नीता के होंठ खोलते हुए नीता का निचला होंठ चूसने लगा। नीता ने अपने होंठ चुसाई से गर्म हो कर अमित के कन्धों पर अपना सर रख दिया। अमित ने नीता का रिएक्शन देख कर धीरे से अपना हाथ बढ़ा कर नीता की एक चूची ब्लाउज़ के ऊपर से पकड़ ली। अमित एक हाथ से नीता की एक चूची सहला रहा था और दुसरा हाथ उसके चूतड़ पर फेर रहा था। नीता उसकी इस हरकत पर पहले तो थोड़ा कसमसाई और अपनी बहनों की तरफ़ देखते हुए उसने भी अमित को जोर से अपनी बाँहों में भींच लिया। अमित ने अब नीता की दोनों चूचियों पर अपने दोनों हाथ रख दिये और नीता की दोनों चूचियों को पकड़ कर मसलने लगा। यह पहली बार था कि किसी मर्द का हाथ नीता के शरीर को छू रहा था और ऊपर से शराब का सुरूर। वो बहुत गर्म हो गयी और उसकी साँसें जोर-जोर से चलने लगी। अमित नीता के चूची को मसलते हुए नीता को होंठों को चूमने लगा।

अमित इधर नीता को चोदने की तैयारी कर रहा था कि उसने देखा कि निशा और नन्दिनी भी अपना- अपना बदन सहला रही हैं और बड़े गौर से अमित और नीता का चल रहा जवानी का खेल देख रही हैं। अमित समझ गया कि वो अब इन तीनों बहनों के साथ कुछ भी कर सकता है और यह तीनों बहनें अब उसके काबू में हैं और वो जो भी चाहेगा वही कर सकता है। अमित ने फिर से अपना ध्यान नीता के शरीर पर डाला। अमित ने नीता की चूची को ब्लाउज़ के ऊपर से मसलते हुए अपना हाथ उसके ब्लाउज़ के अन्दर ले गया और जोर-जोर से नीता की दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा। कभी-कभी वो अपनी दो अंगुली के बीच नीता की निप्पल को लेकर मसल रहा था और नीता अमित के कन्धो से लिपटी चुप चाप आँखें बंद करके अपनी चूची मलवा रही थी। अमित ने फिर धीरे-धीरे नीता की ब्लाउज़ और ब्रा को खोल दिया और नीता की कसी-कसी चूची को देखने लगा। कहानी का शीर्षक तीन बहनों की एक साथ चुदाई है!

नीता ने तब अपनी आँखें अमित की आँखों में डाल कर पूछा, सर, कैसी है हमारी चूचियाँ, आपको पसंद तो हैं? अमित नीता की चूची को देख कर पहले ही पागल सा हो गया था और उसकी चूची को सहलाते हुए बोला, नीता मैडम, तुम मेरी पसंद नापसंद पुछ रही हो? और आज तक मैंने इतनी सुंदर चूची कभी नहीं देखी है। तुम्हरी चूची बहुत सुंदर है और यह मुझे पागल बना रही है। इनको देख कर मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ। नीता बोली, मेरी चूची देख कर आपको क्या हो रहा है? अमित बोला, हाय! मैं अब तुम्हारी इन चूचियों को चूसना और काटना चाहता हूँ, और यह कह कर नीता की एक चूची अपने मुँह में भर ली और मज़े ले ले कर चूसने लगा।

अपनी चूची की चुसाई शुरु होते ही नीता पगला सी गयी और अपने हाथ बढ़ा कर अमित का लंड उसकी लुंगी के ऊपर से ही पकड़ कर मरोड़ने लगी। नीता की गर्मी देख कर अमित ने अपने हाथ से अपनी लुंगी उतार दी और फिर से नीता की एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने हाथों में लेकर मसलने लगा। नीता अब अपने आप को रोक नहीं पाई और अपने हाथ से अमित का अंडरवियर उतार दिया। अमित का अंडरवियर उतारते ही अमित का सात इंच का लंड बाहर आ कर अपने आप झूमने लगा मानो वो इन हसीन बहनों को अपना सलाम बज़ा रहा हो। तीनों बहनें अमित का लंबा और मोटा लंड देख कर दंग रह गयी।कहानी का लेखक अंजान है!

अमित ने अब नीता को अपनी गोद में उठाया और फिर पलंग पर लिटा दिया। नीता को लिटाने के बाद अमित ने नीता की साड़ी को उसकी कमर से खींच कर निकाल दिया और नीता पलंग पर सिर्फ़ पेटीकोट पहने चित्त लेटी हुई थी। अमित नीता की चूत को उसके पेटीकोट के ऊपर से पकड़ कर दबाने लगा। नीता की चूत अपने हाथों से दबाते हुए उसने नीता के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। नीता ने भी पेटीकोट का नाड़ा खुलते ही अपनी कमर ऊपर कर दी जिससे कि अमित उसके पेटीकोट को उसके चूतड़ के नीचे से आसानी से निकाल सके। अमित ने नीता का पेटीकोट उसके फुले-फुले चूतड़ के नीचे कर दिया और फिर उसको नीता के पैर से अलग कर पलंग के नीचे फेंक दिया। अब नीता अमित के सामने अपने गुलाबी रंग की पैंटी और वही गुलाबी रंग की ऊँची हील वाली सैंडल पहन कर लेटी हुई थी। अमित अब अपना मुँह नीता की चूत के पास ले गया और उसकी पैंटी के ऊपर से उसको चूमने लगा। इधर अमित नीता को नंगा कर रहा था उधर नीता भी चुप नहीं थी। नीता अमित का लंड हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी और फिर उसके लंड का सुपाड़ा खोल कर उसको अपने मुँह में ले लिया और जीभ से चाटने लगी। अमित का लंड अब और भी कड़क हो गया। तब तक अमित, नीता की चूत उसकी पैंटी के ऊपर से ही अपनी नाक लगा कर सूंघ रहा था और चूम रहा था। जैसे ही नीता अमित का लंड अपने मुँह में भर कर चूसने लगी, अमित ने नीता की पैंटी भी उतार कर, नीता को पुरी तरह से नंगी कर दिया। नीता के शरीर पर अब उसकी सैक्सी सैण्डल के अलावा और कुछ भी नहीं था। नंगी होने से वह अब शरमा रही थी और अपना चेहरा अमित की छाती में छुपा लिया। इसी दौरान अमित ने नीता की चूची को चूसना फिर से चालू कर दिया। नीता की चूचियाँ अब पत्थर के समान कड़ी हो गयी थीं। तब अमित ने नीता को फिर बिस्तर पर चित्त लिटा दिया और नीता की चूत को अपने जीभ से चाटने लगा। वो अपनी जीभ नीता के चूत के अन्दर बाहर करने लगा। अपनी चूत में अमित की जीभ घुसते ही नीता को बहुत मज़ा आने लगा और वो जोर से अमित का सर अपने चूत के ऊपर पकड़ दबाने लगी और थोड़ी देर के बाद अपनी कमर ऊपर-नीचे करने लगी। अमित जो कि चुदाई के मामले में बहुत माहिर था, समझ गया कि अब नीता अपने चूत में उसका लंड पिलवाना चाहती है।

उसने नीता का मुँह चूम कर धीरे से उसके कान पर मुँह रख कर पूछा, हाय! नीता रानी, अपनी कमर क्यों उछाल रही हो? क्या तुम्हारी चूत में कुछ कुछ हो रहा है? नीता बोली, हाँ मेरे सनम, मेरे राजा तुम सही कह रहे हो, मेरी चूत में चीटियाँ रेंग रही हैं। मेरा सारा बदन टूट रहा है, अब तुम ही कुछ करो। फिर अमित ने पूछा, क्या तुम अपनी चूत मेरे लंड से चुदवाना चाहती हो? नीता बोली, अरे मेरे कपड़े सब उतार दिये और अपने कपड़े भी उतार दिये और अब भी पुछते हो क्या हम लोग चुदाई करेंगे?

ठीक है अब मैं तुमको चोदुँगा, लेकिन पहले थोड़ा दर्द होगा पर मैं तुम्हे बहुत ही प्यार से धीरे धीरे चोदुँगा और तुमको दर्द महसूस नहीं होने दुँगा, अमित ने नीता से कहा। यह सुन कर अमित उठा और नीता के दोनों पैर उठा कर घुटने से मोड़ दिये और दोनों पैर अपने हाथों से फैला दिये। फिर उसने ढेर सारा थूक अपने हाथ में लेकर पहले अपने लंड पर लगाया फिर नीता की चूत पर लगाया। थूक से सना अपना खड़ा लंड चूत के मुँह पर रखा और धीरे से कमर को आगे बढ़ा कर अपना सुपाड़ा नीता की चूत में घुसा दिया और नीता के ऊपर चुपचाप पड़ा रहा। थोड़ी देर के बाद जब नीता नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी तो अमित ने धीरे-धीरे अपना लंड नीता की चूत में डालना शुरु किया। नीता का बदन दर्द से कांपने लगा और वो चिल्लाने लगी, बाहर निकालो, मेरी चूत फटी जा रही है। हाय! मेरी चूत फटी जा रही है। तुम तो कह रहे थे कि थोड़ा सा दर्द होगा और तुम आराम से चोदोगे। मुझे नहीं चुदवाना है, तुम अपना लंड बाहर निकालो। अमित ने नीता के मुँह में अपना हाथ रख कर बोला, बस रानी बस, अभी तुम्हारा दर्द खतम हो जयेगा और तुम्हे मज़ा आने लगेगा। बस थोड़ा सा और बर्दाश्त करो।

हाय! मेरी चूत फटी जा रही है और तुम कह रहे हो कि थोड़ा और बर्दाश्त करो। अरे मुझे नहीं चुदवानी है अपनी चूत, तुम अपना लौड़ा मेरी चूत से बाहर निकालो, नीता बोली और उसकी आँखों से आँसू आ गये। इतनी देर में अमित ने अपनी कमर उठा कर एक जोरदार धक्का मारा और उसने महसूस किया कि उसका सारा का सारा लंड नीता की चूत में घुस गया है। नीता मारे दर्द के तड़पने लगी और अमित को अपने हाथों से अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी। लेकिन अमित नीता को मज़बुती से पकड़े हुए था और उसका हाथ नीता के मुँह के ऊपर था इसी लिये नीता कुछ न कर सकी बस तड़प कर रह गयी। अमित ने अपना लंड नीता की चूत के अन्दर ही थोड़ी देर के लिये रहने दिया। उसने नीता की एक चूची को अपने मुँह में लेकर जीभ से सहलाना शुरु कर दिया और दूसरी चूची को हाथ से सहलाना शुरु कर दिया। थोड़ी देर बाद नीता का दर्द गायब हो गया, अब उसे मज़ा आने लगा और नीचे से अपनी कमर को ऊपर नीचे करना शुरु किया। कहानी का शीर्षक तीन बहनों की एक साथ चुदाई है!

अमित अब धीरे-धीरे अपनी कमर हिला हिला कर अपना लौड़ा नीता की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। नीता ने भी अब जोरदार धक्के देना शुरु किया और जब अमित का लंड उसकी चूत में होता तो नीता उसे कस कर जकड़ लेती और अपनी चूत को सिकोड़ लेती थी। अब अमित समझ गया कि नीता को अब मज़ा आने लगा है तो वो अपनी कमर को ऊपर खींच कर अपना लंड पूरा का पूरा नीता की चूत से बाहर निकाल लेता, सिर्फ़ अपना सुपाड़ा अन्दर छोड़ देता और फिर जोर दार झटके के साथ अपना लंड नीता की चूत में पेल दे रहा था। नीता बुरी तरह अमित से लिपटी हुई थी और उसने अमित को अपने हाथ और टाँगों से जकड़ रखा था । सारे कमरे में नीता और अमित की सिसकारी और उनकी चुदाई की फच फच की आवाज गूँज रही थी। नीता अपने मुँह से आह! आह! ओह! ओह! हाँ! हाँ! और जोर से, और जोर से हाँ हाँ ऐसे ही अपना लंड मेरी चूत में पेलते रहो, बोल रही थी। अमित फ़ुल स्पीड से नीता की चूत में अपना लंड अन्दर-बाहर करके उसको चोद रहा था और नीता बुरी तरह से अमित से चिपकी हुई थी। इतनी देर से नीता की चूत चोद रहा अमित अब झड़ने वाला था और उसने अब ८-१० धक्के काफ़ी जोरदार लगाये और अमित के लौड़े से ढेर सारा पानी नीता की चूत में गिरा और समा गया। अमित के झड़ने के साथ ही साथ नीता की चूत ने भी पानी छोड़ दिया और उसने अपने बाँहों और टाँगों से अमित को जकड़ लिया। अमित हाँफते हुए नीता के ऊपर गिर गया और थोड़ी देर तक दोनों एक दूसरे से चिपके रहे। फिर नीता उठ कर अपनी चूत में हाथ लगाये बाथरूम की तरफ़ अपनी सैण्डल खटकाती भाग गयी।

अमित इस समय बुरी तरह से थक चुका था और बेड पर पड़ा रहा, लेकिन उसका लंड अभी भी खड़ा था। उधर निशा और नन्दिनी दोनों एक दूसरे को बुरी तरह से चूम रही थीं। निशा की कमीज़ और ब्रा दोनों ज़मीन पर पड़े हुए थे और वो कमर के ऊपर बिल्कुल नंगी थी। दोनों बहनें एक दूसरे को चूमते हुए एक दूसरे की चूचियाँ भी मसल रही थीं। अमित अपनी जगह से उठ कर उन दोनों के पास चला गया और निशा के ऊँची हील वाले सैण्डल में कसे हुए चिकने पैर पर अपना हाथ फेरने लगा। निशा जो पहले ही मदहोश थी अपने पैर पर अमित का हाथ लगते ही अपने आप पर काबू नहीं रख सकी। निशा नन्दिनी को छोड़ कर अमित की तरफ़ मुड़ गयी और उसके सामने अमित बिल्कुल नंगा अपना खड़ा लंड लिये खड़ा था। अमित एक बार फिर चोदने के मूड में था। निशा ने अमित के चूतड़ को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपना मुँह उसके लंड पर रगड़ने लगी। अमित का लंड अब भी नीता की चूत की चुदाई से भीगा हुआ था। अमित भी निशा को अपने दोनों हाथों में बांध कर चूमने लगा। अमित का हाथ निशा के नंगे सेक्सी शरीर पर घुम रहा था, उसका हाथ निशा की चूची पर गया और वो उन खड़ी-खड़ी चूचियों को अपने हाथों में ले कर मसलने लगा। निशा अपनी चूचियों पर अमित का हाथ पड़ते ही और जोश में आ गयी और अपना हाथ अमित के लौड़े पर रख दिया । अमित का लंड निशा की मुट्ठी में आते ही अमित निशा की एक चूची अपने मुँह में भर कर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने हाथ में लेकर उसकी निप्पल मसलने लगा। थोड़ी देर तक निशा ने अमित के लंड को अपने हाथों में लेकर उसके सुपाड़े को खोला और बंद किया फिर एका एक उसने सुपाड़े को अपने मुँह में भर कर चाटने लगी। जैसे ही निशा ने अमित का लंड अपनी मुँह में लिया वैसे ही अमित ने खड़े खड़े अपनी कमर हिला कर अपना लंड निशा के मुँह के अन्दर पेला और बोला, ले ले मेरी रानी, मेरा लंड अपने मुँह में लेकर इसको खूब चूसफिर बाद में मैं इसको तुम्हारी चूत में डाल इसे चूत से चुसवाऊँगा।

निशा ने अपनी मुँह से अमित का लंड निकाल कर कहा, बस सिर्फ़ हमारी चूत से ही अपना लंड चुसवाओगे, गाँड से नहीं? मैं तो तुम्हारा लंड अपनी चूत और गाँड से खाऊँगी। क्या तुम मुझको अपना लंड दोनों छेदों से खिलाओगे न? थोड़ी देर के बाद, अमित ने निशा को पलंग पर ले जाकर चित्त कर के लेटा दिया और उसके पैरों के पास बैठ कर उसकी सलवार को खोलने लगा। सलवार खोलने में निशा ने अमित की मदद की और अपने चूतड़ को उठा कर अपनी सलवार को अपनी गाँड से नीचे कर के अपने पैरों से अलग कर दिया। फिर अमित ने निशा की पैंटी भी उतार दी और उसकी पैंटी उतारते ही निशा की गुलाबी कुँवारी चूत उसकी चमकती चिकनी जांघों के बीच चमकने लगी। ऊँची पेंसिल हील के काले रंग के सैंडल पहने निशा बिकुल नंगी अमित के सामने लेटी हुई थी और निशा की गुलाबी चूत को अमित अपना दम साधे देखने लगा और अपनी जीभ होंठों पे फेरने लगा। कहानी का लेखक अंजान है!

अमित ने झुक कर निशा की चूत पर चुम्मा दिया और अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूत की घुंडी को तीन-चार बार चाट दिया। फिर अमित ने निशा की टाँगों को फ़ैलाया और ऊपर उठा कर घुटने से मोड़ दिया और अपना लंड निशा की चूत के दरवाजे पर रख दिया। थोड़ी देर के बाद अमित अपना लंड निशा की चूत के ऊपर रगड़ने लगा और निशा मारे चुदास से अपनी कमर उठा-उठा कर अमित का लंड अपनी चूत में लेने की कोशिश करती रही। जब निशा से नहीं रहा गया तो वो बोली, अब क्यों तड़पाते हो, कबसे तुम्हारा लंड अन्दर लेने के लिये मेरी चूत बेकरार है और तुम अपना लंड सिर्फ़ मेरी चूत के ऊपर-ऊपर ही रगड़ रहे हो। अब जल्दी करो और मुझको चोदो, फाड़ दो मेरी कुँवारी चूत को। आज मैं लड़की से औरत बनना चाहती हूँ, अब ज्यादा परेशान मत करो। जल्दी से मुझे चोदो और मेरी चूत की आग को बुझाओ।

निशा की इतनी सेक्सी मिन्नत सुनते ही अमित ने एक तकिया बेड से उठा कर निशा की चूतड़ के नीचे लगा दिया, जिससे कि निशा की चूत और ऊपर हो गयी और खुल गयी। तब अमित ने एक जोरदार धक्का अपने लंड से निशा की चूत में मारा और उसका पूरा लंड निशा की चूत में जड़ तक घुस गया। निशा के मुँह से चीख निकल गयी। निशा ने अमित को जोरो से जकड़ लिया और अपनी टाँगें अमित की कमर पर कस ली। अमित निशा की एक चूची चूसते हुए एक हाथ से दूसरी निप्पल को मसलने लगा। धीरे-धीरे निशा का दर्द कम होने लगा और उसकी गर्मी फिर बढ़ने लगी जिससे कि वो अपनी कमर ऊपर-नीचे करने लगी। अमित भी अब अपनी कमर चला कर निशा की चूत में अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा। थोड़ी देर के बाद निशा बोली, क्या कर रहे हो? और जोर से चोदो मुझे, आने दो तुम्हारा पूरा लंड मेरी चूत मे। मेरी चूत में अपना लंड जड़ तक पेल दो। और जोर जोर से धक्का मारो। यह सुनते ही अमित ने चुदाई फ़ुल स्पीड से शुरु कर दी और बोलने लगा, क्या मेरी रानी, चुदाई कैसी लग रही है। चूत की आग बुझ रही है कि नहीं?

निशा नीचे से अपनी कमर उछालते हुए बोली, अभी बात मत करो और मन लगा कर मेरी चूत मारो। चुदाई के बाद जितना चाहे बात कर लेना, अभी तुम्हारा पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को खिलाओ। इस समय मेरी चूत बहुत भुखी है और उसको बस लंड की ठोकर चाहिये। अमित और निशा इस समय एक दूसरे को जोर से अपने बाँहों और टाँगों से जकड़े हुए थे और दोनों फ़ुल स्पीड से एक दूसरे को अपने अपने लंड और चूत से धक्का मार रहे थे। पूरे कमरे में उनकी सिसकियाँ और चुदाई की आवाज गुंज रही थी। निशा की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और इसी लिये अमित के हर धक्के के साथ उसकी चूत से बहुत आवाज निकल रही थी। निशा अचानक बहुत जोरों से अपनी कमर उछालने लगी और वो फिर निढाल हो कर बिस्तर पर अपने हाथ पैर फ़ैला कर ढीली पड़ गयी। निशा अब झड़ चुकी थी और उसमे और चुदने की हिम्मत नहीं थी। अमित ने भी निशा के झड़ जाने के बाद जोर दार चार-पांच धक्के लगाये और निशा की चूत में अपना लंड घुसेड़ कर निशा के ऊपर गिर गया। अमित भी झड़ चुका था और अब वो निशा के ऊपर आँख बंद करके लेटा था और हाँफ रहा था। थोड़ी देर के बाद अमित ने अपना लंड निशा की चूत से बाहर निकाला और लंड के बाहर निकलते ही निशा की चूत से ढेर सारा सफ़ेद गाढ़ा-गाढ़ा पानी निकलने लगा। निशा यह देख कर चूत में अपनी पैंटी खोंस कर उठ कर बाथरूम की तरफ़ भागी।

प्रोफ़ेसर अमित काफ़ी थक चुका था । वो आज लगातर दो कुंवारी लड़कियों के साथ चुदाई कर चुका था। उसने अपना मुँह घुमा कर देखा कि नीता और नन्दिनी आपस में चिपकी हुई बैठी थीं। नीता नन्दिनी की चूची उसके कपड़ों के ऊपर से ही दबा रही थी। नीता ने नन्दिनी के कपड़े बहुत ढीले कर दिये थे और नन्दिनी के कपड़े आधे खुले हुए थे। नीता ने इस दौरान अपने कपड़े नहीं पहने थे और बस ऊँची ऐड़ी के सैंडल पहने बिल्कुल नंगी थी। नीता ने फिर नन्दिनी की जीन्स और टी-शर्ट उतार दी थी और अब नन्दिनी सिर्फ़ अपनी ब्रा और पैंटी और सैंडलों में थी। नन्दिनी की चूचियाँ बहुत ही सेक्सी थीं। उसकी चूचियाँ बहुत बड़ी तो नहीं थीं पर थीं बहुत गठी और गोल-गोल। उसके निप्पल इस समय बिल्कुल फूल कर खड़े और कड़क हो गये थे । नन्दिनी का एक निप्पल नीता अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और अपने हाथ नन्दिनी की जांघों के बीच में घुमाने लगी। नीता ने फिर नन्दिनी की पैंटी भी उतार दी और अपना मुँह नन्दिनी की चूत पर रख दिया। थोड़ी देर के बाद नीता ने अपनी जीभ निकाल कर नन्दिनी की चूत के अन्दर कर दी। नन्दिनी इतनी गरम हो गयी कि अपने हाथों से अपनी निप्पल मसल रही थी। कहानी का शीर्षक तीन बहनों की एक साथ चुदाई है!

यह सब देख कर अमित के अन्दर वासना का ज्वार फिर से आने लगा और चुदाई के लिये उसका लंड फिर से गरम होने लगा। वो उठ कर नीता और नन्दिनी के पास पहुँच गया और दोनों बहनों की काम लीला ध्यान से देखने लगा। दोनों बहनों को देखते-देखते उसने अपना हाथ नन्दिनी की चूचियों पर रख दिया और उनकी निप्पल अपने हाथों में लेकर अपनी उंगलियों के बीच रख कर मसलने लगा। नन्दिनी अब अमित की तरफ़ मुड़ी और उसने देखा कि अमित उसके बगल में नंगा खड़ा है और उसका लंड अब गरम हो कर खड़ा होने लगा है। उसने अमित का लंड अपने हाथों में ले कर अमित से पूछा, क्या अब मुझ को भी चोदोगे? मैं भी अपनी दीदीयों की तरह अपनी चूत तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। प्लीज़ मुझे भी अपने लंड से चोदो । लेकिन तुम्हारे लंड को क्या हो गया है? क्या अब यह हमारी चूत में घुसने के काबिल है?

अमित लड़कियों की चुदाई का पुराना खिलाड़ी था और उसने अपने लंड को हिलाते हुए कहा, घबड़ाओ मत अभी तुम्हे अपने लंड का कमाल दिखाता हूँ। यह कह कर अमित ने अपना लंड नन्दिनी के मुँह में दे दिया और बोला, लो मेरी जान! मेरा लंड अपने मुँह में लेकर इसे चूसो। नन्दिनी भी उसके लंड को अपने मुँह में लेकर उस पर अपनी जीभ चलाने लगी और कभी उस पर अपने दाँत गड़ाने लगी। नन्दिनी की लंड चुसाई से अमित को बहुत मज़ा आया और उनका लंड अब धीरे-धीरे खड़ा होने लगा। उधर नीता अपने एक हाथ से नन्दिनी की चूत सहला रही थी और दूसरे हाथ से अमित की गाँड में अपनी उंगली पेल रही थी। थोड़ी देर के बाद लंड चुसाई और गाँड में नीता उंगली होने से अमित का लंड पूरे जोश के साथ खड़ा हो गया और फिर चुदाई शुरु करने के लिये तैयार था। कहानी का लेखक अंजान है!

अमित ने अपना लंड नन्दिनी के मुँह से निकाला और नन्दिनी के पैर के बीच बैठ गया। उसने अपने दोनों हाथों से नन्दिनी की चूत को फ़ैलाया और उसके अन्दर अपनी जीभ डाल दी। अमित अपनी जीभ नन्दिनी की चूत के अन्दर-बाहर करने लगा और चूत की अन्दरुनी दीवारों के साथ अपनी जीभ से खेलने लगा। कभी-कभी अमित अपनी जीभ से नन्दिनी की भगनासा (क्लिटोरिस) भी चाट रहा था और कभी कभी उसको अपने दातों के बीच पकड़ कर जोर-जोर से चूस रहा था। नन्दिनी अब काफ़ी बेचैन थी और अपनी कमर हिला-हिला कर अपनी चूत को अमित के मुँह पर आगे पीछे कर रही थी। अमित समझ गया कि नन्दिनी की चूत अब लंड खाने के लिये तैयार है। अमित का लंड भी अब पहले जैसा तगड़ा हो गया था और नन्दिनी की चूत में घुसने के लिये उतावला था। अमित ने अपनी जीभ नन्दिनी की चूत से निकाल ली और अपना सुपाड़ा नन्दिनी की चूत पर रख कर एक हल्का सा धक्का दिया, लेकिन नन्दिनी जबरदस्त जोर से चिल्ला पड़ी। अमित का लंड नन्दिनी की छोटी चूत के हिसाब से बहुत मोटा था और नन्दिनी की यह पहली चुदाई थी। नन्दिनी अपने हाथों से अमित को रोक रही थी और अमित अपना लंड नन्दिनी की चूत में पेल नहीं पा रहा था। उसने नीता और निशा से नन्दिनी की चूची और चूत से खेलने को कहा जिससे कि नन्दिनी बहुत गरम हो गयी। अमित उठ कर एक नारियल के तेल की शीशी उठा लाया और अपने लंड पर अच्छी तरह से तेल मला। फिर उसने तेल को अपनी अंगुली में लेकर नन्दिनी की चूत पर भी लगाया। उसने तेल को चूत के अन्दर तक अपनी अंगुली से घुमा-घुमा कर लगाया।

तेल लगाने के बाद अमित अपनी अंगुली नन्दिनी की चूत के अन्दर-बाहर करने लगा। कभी-कभी वो अपनी अंगुली से उसकी चूत की घुंडी भी रगड़ देता था। नन्दिनी की चूत अब पानी छोड़ रही थी और इससे उसकी चूत चुदाई के लिये तैयार हो गयी। अमित फिर नन्दिनी की टाँगें फ़ैला कर उनके बीच घुटने के बल बैठ गया और नन्दिनी को समझाया कि अब कोई चिन्ता की बात नहीं है अब उसको कोई दर्द नहीं होगा। उधर नीता और निशा नन्दिनी की एक एक निप्पल अपने मुँह में लेकर चूस रही थी। अमित ने उसके दोनों पैर हवा में उठा दिये और उसकी कमर को कस कर पकड़ लिया जिससे कि फिर से छुट न जाये। अमित ने फिर नन्दिनी की चूत पर अपना लंड रख और नन्दिनी के कुछ समझने के पहले ही एक जोर दार झटका दिया। नन्दिनी की चूत तेल और चूत से निकले पानी की वजह से काफ़ी चिकनी हो गयी थी जिससे कि अमित का लंड एक ही झटके से पूरा का पूरा अन्दर चला गया।

नन्दिनी इस अचानक हमले से तो पहले चिखी और अमित को अपने ऊपर से हटाने के लिये धक्का मारा, लेकिन इस बर अमित की पकड़ बहुत ही मजबूत थी। अमित अपनी कमर आगे पीछे करके अपना लंड नन्दिनी की चूत में धीरे-धीरे पेलने लगा। थोड़ी देर के बाद नन्दिनी को भी मज़ा आने लगा और तब वो अपनी कमर उठा-उठा कर अमित को चुदाई में सहयोग करने लगी। अमित और नन्दिनी दोनों एक दूसरे को ऊपर और नीचे से धक्के मार रहे थे और नन्दिनी की चूत में अमित का लंड तेज़ी से आ-जा रहा था। नीता और निशा अब चुदाई के जोड़े से हट कर दोनों की चुदाई देख रही थी और एक दूसरे की चूत में अंगुली कर रही थी। नन्दिनी और अमित दोनों एक दूसरे से चूत और लंड के साथ जुड़े हुए थे। थोड़ी देर के बाद नन्दिनी की चूत से पानी निकलने लगा तो अमित ने अपनी चुदाई की स्पीड और तेज़ कर दी क्योंकि अमित भी अब झड़ने वाला था। उसने आखिर के चार-पांच धक्के जोर से नन्दिनी की चूत में अपनी लंड से मारे और फिर नन्दिनी की चूत के अन्दर पूरा का पूरा लंड ठेल कर के झड़ गया। नन्दिनी भी अब तक झड़ चुकी थी। अमित का सारा पानी नन्दिनी की चूत में समा गया। दोनों हाँफ रहे थे और एक दूसरे को चिपके पड़े हुए थे। फिर अमित ने अपने लंड को नन्दिनी की चूत से निकाला तो उससे ढेर सारा पानी निकलने लगा। नीता और निशा ने जल्दी से अपना अपना मुँह नन्दिनी की चूत पर लगा दिया और उससे निकल रहे अमित और उसकी चूत के पानी के मिश्रन को जीभ से चाट चाट कर पी गयी। कहानी का शीर्षक तीन बहनों की एक साथ चुदाई है!

थोड़ी देर के बाद नन्दिनी ने अपनी आँखें खोली और मुसकुरा कर अमित से बोली, तुम्हारे लंड से चुदवा कर बहुत मज़ा आया। आज हम तीनों बहनों ने तुमसे अपनी-अपनी चूत चुदवायी। तुम्हें किसकी चूत सबसे अच्छी लगी और कौन सी बहन को चोदने में तुम्हें मज़ा आया। सच-सच बताना। अमित ने नन्दिनी की चूची को मसलते हुए कहा, अरे चुदी हुई लड़कियों, भई मुझे तो तुम तीनों बहनों ही की चूत बहुत अच्छी लगी, हाँ तुम्हारी चूत बहुत टाईट थी और मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी। लेकिन तुम तीनों बहनों ने आज दिल खोल कर अपनी-अपनी चूत चुदवायी है। मुझे तो तुम तीनों बहनों की चूत को चोदने में मज़ा आया। इतना सुन कर तीनों बहनें मुसकुरा दीं और फिर बोलीं, अब फिर कब हमारी चूत को आपके लंड का भोग मिलेगा। जल्दी से कोई दिन निकालो और फिर हम तीनों बहनें तुम्हारे लंड के धक्के अपनी -पनी चूत में खाने के लिये हाज़िर हो जायेंगी।

अमित ने कुछ देर सोच कर कहा, ऐसा करो कि मैं संडे को नई दिल्ली एक सेमिनार में चार-पांच दिन के लिये जा रहा हूँ, तुम तीनों बहनें मेरे साथ चलो। मैं तुम सब को वहाँ रोज सुबह शाम और रात को वायागरा की गोली खा-खा कर चोदुँगा और तुम्हारी चूतों को चोद-चोद कर भोसड़ा बना डालुँगा। हाँ, वहाँ और भी लोग आयेंगे तुम लोग अगर चाहोगी तो तुम्हे और भी लंड अपनी-अपनी चूत में पिलवाने को मिल जायेंगे और तुम तीनों बहनें मज़े से अपनी अपनी चूत को लम्बे-लम्बे और मोटे-मोटे लंड से चुदवा सकती हो।

यह सुन कर तीनों बहनों ने अमित के साथ नई दिल्ली जाने का प्रोग्राम बना डाला। फिर तीनों बहनों ने अपने-अपने कपड़े पहन लिये और अमित ने सिर्फ़ एक लुन्गी अपनी कमर पर बांध ली। सबने बैठ कर नाश्ते के साथ एक-एक पैग और पिया। कहानी का लेखक अंजान है!

फिर अमित तीनों बहनों को बाहर छोड़ने गये। बाहर जाने के पहले दरवाजे के पास अमित ने उनको फिर से अपनी बाँहों में ले कर उनको चुम्मा दिया और इन तीन बहनों की चूचियाँ उनके कपड़ों के ऊपर से दबायी। नीता ने फिर अमित को अपनी बाँहों में लेकर चुमा और फिर अपनी साड़ी उठा कर अमित से अपनी चूत पर चुम्मा देने को कहा। अमित ने नीता की चूत पर एक जोर दार चुम्मा दिया और उसकी चूत की घुंडी को तीन-चार बार अपनी जीभ निकाल कर चाट दिया। निशा और नन्दिनी अपनी चूत पर अमित का चुम्मा नहीं ले सकी क्योंकि वो सलवार और जीन्स पहने हुए थी और इसीलिये वो अपनी चूत नहीं खोल सकी। फिर नीता ने अमित की लुंगी हटा कर उनके लंड का सुपाड़ा खोल कर चुमा। नीता की देखा देखी निशा और नन्दिनी ने भी अमित के लौड़े को चुमा और उनके सुपाड़े को मुँह में ले कर चुसा और फिर अपनी-अपनी चुदी हुई चूत में अमित के लंड से निकला हुआ चुदाई का पानी भर कर अपने घर को चली गयीं और अमित अपने कमरे में आकर सो गया। वो बहुत थक चुका था।

!!! समाप्त !!!


मुख्य पृष्ठ (हिंदी की कामुक कहानियों का संग्रह)

Keyword: Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान Tarakki Ka Safar, Tarakki ka Safar
Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान Tarakki Ka Safar, Tarakki ka Safar

Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान Tarakki Ka Safar, Tarakki ka Safar

Seduction, Adultery, Big-cock, Masturbation (F), Hindi Story, Hindi Font Sexy Story, High Heels, Highheels, Sandal, Salwar Kameez, Saree, India, Indian, Chut, Choot, Chutmarani, Gaand, Hindi Chudai Kahani, Kahaniya, Maa-Beti Ki Chudai, Muslim Sluts, व्याभिचार (गैर-मर्द), विशाल लण्ड, हस्तमैथुन (स्त्री), कुत्ते का लण्ड, कुत्ते से चुदाई, शराब, नशे में चुदाई, ऊँची हील के सैंडल, ऊँची ऐड़ी, सेंडल, सैंडिल, सेंडिल, साड़ी, सलवार कमीज़, हिंदी, भारत, इंडिया, हिंदी कहानियाँ, हिन्दी, चूतमरानी, मुसलमान Tarakki Ka Safar, Tarakki ka Safar


Online porn video at mobile phone


Nepi sex storiescache:A0Y2x_kDgEQJ:http://awe-kyle.ru/~NyteMyst/++"Reform School Experiments"asstr stories pza boyhoodKleine tittchen enge fötzchen geschichten perversकोमलप्रीत के किस्सेshe takes away her nipple's from his mouth xxx porndale10 boy broke both legshis viaeo was heloadedto www.xvlDEos.comचार फौजी और चुत का मैदानDeep fuckin cumming mother hot storieskathy asstrhttp://www.asstr.org/~True_Youth_Stories/TYS_IncestDigest.htmmom son sex story 28 asstrcache:IsgmyrmXfFwJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/feeblebox4455.html Kleine Fötzchen fkk geschichten erziehung perversgeschichten mama steckte mich in windeln und versohlt mein kleinen popoचुदक्कड़ मम्मीjr parz mci'm a prepubescent boy and men fill my hairless boycunt with loads of sperm.cache:7edyMpueipkJ:awe-kyle.ru/files/Collections/impregnorium/www/stories/archive/tedshornygirls.htm Anang women pussyInsha fucked by own gfawe-kyle.ru BettGhb wet moaned storyमाँ को बेरहमी से चोदाporn stories by fairyboicache:RKfEFr6UyJMJ:awe-kyle.ru/~The_Wizard_Whitebeard/CampaignManagerPerks.html शामिलचुदाईgiantess literature by american wonton "collect his semen","mother","sister","cock"Non-consensual ponygirl sexslave stories on asstrbdi mmi ne chudai krne pr mara or maa ko btayaerotic fiction stories by dale 10.porn.comकोई तो बचाव चूदाई कहानियाँzoophile geschichtenferkelchen lina und muttersau sex story asstrDarles chickens lauren part 6 asstrbulmaski dogdase cidae ke. khneyacache:s4Pmq84gkKwJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/silvertouch4644.html fiction porn stories by dale 10.porn.comdoctor who cyberlessons by The Scene-Stealerवीर्य पीने लगीcache:IGAKDtV6tVoJ:awe-kyle.ru/~pza/lists/authors.html Fötzchen eng jung geschichten streng perverscache:2SjIj8C93kEJ:awe-kyle.ru/~Ole_Crannon/stories/other_authors/Goldfish/woodenhorse1_ch3B.html ferkelchen lina und muttersau sex story asstrcache:tWHZnLwYMBoJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/mike5499.html show me father and son sucking cock and licking each other's eyescache:p6pTqlzrBVkJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/lanegrace3337.html mom chodai klye dosri shadi kiferkelchen lina und muttersau sex story asstrFotze klein schmal geschichten perverscache:LzYLQEqtra8J:awe-kyle.ru/~LS/stories/fummler6766.html er sprizte ihr seinen babysaft in ihre mösejanus asstr jeremyoooohhhhh how big dick fucktied to tree and forced fucked in the ass over and over againEnge kleine fotzenLöcher geschichtennifty camp counselor whoreeli the bearded eroticakamuk mami khani hindemytdodapornmike hunt "A Cousin's Lips"नशे में धुत्त होकर मैं चुद गईmixoscopist fuck whore moanKleine Fötzchen perverse geschichten extremasstr bro sis car rideerotic fiction stories by dale 10.porn.comHer fingers parted the wet, matted bush and delved in between her lipsmuslam aunty ke kehane par hindo ne chodaferkelchen lina und muttersau sex story asstrcache:A9pwpA1e4KAJ:http://awe-kyle.ru/~LS/stories/dale106159.html+dale10 boy broke both legsstrip search machine searchemLittle sister nasty babysitter cumdump storiesgaram mom ki hodae raat me hindi ki kahanimommy's nepi naughtysex institute boys randulil girl dripping wet gushing pussy asstr txtKleine fötzchen geschichten perversferkelchen lina und muttersau sex story asstrahhh uhhhh ohhhh.... uncle start sucking my tits eating my pussy ahhhh ahhhcache:s4Pmq84gkKwJ:awe-kyle.ru/~LS/stories/silvertouch4644.html xxxmummi and doughtar 2 boy senging